महायज्ञ में पंचांग पूजन,मंडप प्रवेश व अरणि मंथन…..

महायज्ञ मंडप अरणि मंथन

महायज्ञ मंडप अरणि मंथन

महायज्ञ मंडप अरणि मंथन आरा शहर के गोढ़ना रोड स्थित धर्माधी ट्रस्ट नागेश्वर नाथ मंदिर परिसर मे आयोजित श्री रूद्र चंडी हनुमंत प्राण प्रतिष्ठात्मक महायज्ञ का विधिवत श्री गणेश किया गया | पहले वैदिक विधि के साथ पंचांग पूजन व मंडप प्रवेश की रस्म पूरी की गई|महायज्ञ में अरणि मंथन इसके बाद और निमंत्रण से हवन कुंड में अग्नि प्रवेश के साथ हवन की कार्यवाही शुरू की गई | यज्ञ महंत श्री राम बालक दास जी महाराज जी के मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोचार के बीच षोडषोपचार पूजन व  हवन  कुंड में आहुति डालने का सिलसिला शाम तक चला हुआ है, कथा के माध्यम से श्री नागेश्वर नाथ  का चरित्र का गुणगान किया गया | धर्माधी ट्रस्ट नागेश्वर नाथ मंदिर महायज्ञ का आयोजन किया गया |

मंडलेश्वर महंत अमरानंद दास जी महाराज

श्रद्धालुओं ने की एक मंडप की परिक्रमा….

यज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा किया | इसके लिए सुबह से ही भीड़ जुटने लगी पूरे दिन परिक्रमा का क्रम जारी रहा या परिक्रमा 24 घंटे चल रही है, परिक्रमा मे महिलाओं की भीड़ अधिक जुट रही है, रानी की मान्यता के अनुसार परिक्रमा से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है | धर्माधी ट्रस्ट नागेश्वर नाथ मंदिर मे आयोजित श्री रूद्र चंडी हनुमंत  प्राण प्रतिष्ठात्मक महायज्ञ दौरान महंत श्री राम बालक दास जी उर्फ़ भीम बाबा कहा कि धर्म के अधीन आचरण करना मनुष्य का कर्तव्य है | जिसका जीवन धर्माधीन  हो वही वास्तव में मन मानव कहलाने का अधिकारी है | कथा को विस्तार करते हुए महंत श्री राम बालक दास जी ने कहा कि मनुष्य का जीवन मर्यादित एवं धार्मिक होना चाहिए | धर्म व मर्यादा यह दोनों जिसके पास होते हैं उसी के पास मानवता होती है, महाराज जी ने कहा कि धर्म व मर्यादा दोनों अलग-अलग है लिहाजा दोनों में से एक का चयन करना हो तो धर्म का चुनाव श्रेयस्कर है उन्होंने कहा कि अपने वनवास के दौरान पंचवटी में सन्यासी वेषधारी रावण द्वारा भिक्षा मांगने पर सीता जी ने भी धर्म का आचरण किया था | सीताजी लक्ष्मण द्वारा खींचे मर्यादा रेखा के अंदर से भिक्षा देने का प्रयास की तो सन्यासी रावण ने लेने से इंकार कर दिया तब सीताजी ने मर्यादा को दरकिनार करके हंस धर्म का आश्रय लेते हुए मर्यादा रेखा से बाहर निकलने का फैसला किया धर्म के इसी निर्वाहन के बदौलत ही जगत जननी सीता रावण के सर्वनाश का कारण बनी | कथा के दौरान काफी संख्या में महिलाओं के साथ पुरुष श्रद्धालु उपस्थित थे |

श्री रूद्र चंडी हनुमंत प्राण प्रतिष्ठात्मक महायज्ञ में शनिवार को यज्ञशाला में पूजा अर्चना करने के बाद महंत श्री राम बालक दास जी महाराज उर्फ भीम बाबा द्वारा अरणिमंथन किया गया | अग्नि भगवान बहुत कम समय में प्रकट हुए सभी भक्तों में गोढ़ना रोड में श्रद्धा लगन प्राप्त हुआ | जैसे ही अग्नि प्रकट हुई तो श्रद्धालु जय भोलेनाथ जय भोलेनाथ के जयघोष लगाने लगे | अनेक मंथन के बाद हवन शुरू हुआ जिसमें करीब 500 श्रद्धालुओं ने महाराज की अध्यक्षता में हवन कुंड में आहुति डाली | महंत श्री राम बालक दास जी महाराज, हरिद्वार से पधारे महंत रवींद्र बिहारी दास जी महाराज और उनके सभी सहयोगियों द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच सबसे पहले मंडप पूजन किया गया | उसके बाद महाराज ने अग्नि मंथन से सभी कुंडों में अग्नि प्रज्वलित की | कुंडो में हवन आरंभ होने के बाद यज्ञशाला की परिक्रमा भी शुरू हो गई | इसके साथ ही श्रद्धालु लंगर में पहुंचकर प्रसाद भी ग्रहण कर रहे हैं|

महंत श्री राम बालक दास जी महाराज उर्फ भीम बाबा द्वारा अरणिमंथन……

वहीं  श्री सिद्ध पीठ विद्या कुंड गोपाल धाम अयोध्या से आए मंडलेश्वर महंत अमरानंद दास जी महाराज का फूल मालाओं से स्वागत किया गया और उनके द्वारा प्रवचन सुनने को मिला | 

मंडलेश्वर महंत अमरानंद दास जी महाराज द्वारा प्रवचन …….

नोट :- मंडप फेरी 31/01/ 2020 तक 24 घंटे चलेगा और सारे भक्तों से अनुरोध है प्रवचन के बादआरती और प्रसाद लेकर ही घर को वापस जाए |

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